Aahar Ghonsla
Brand: Sambhavna Prakashan
Features:
- hindi kahaniyan
- ashok agrawal
- premchand
- divay prakash dubey
- ruskin bond
Binding: perfect
Number Of Pages: 222
Details: अशोक अग्रवाल की कहानियाँ हमारे जाने-पहचाने परिवेश की कहानियाँ हैं। समाज में मानवीयता, करुणा और तल्ख सच्चाई की खोज की कहानियाँ। ये विकास की आधुनिक अवधारणा के पीछे के अँधेरों को टटोलती हुई उन कारणों की तलाश करती हैं, जहाँ आदमी पीछे छूटा जा रहा है। इनकी अधिकांश कहानियों में हाशिए के लोग हैं, जो अभाव, विषमता के साथ दयनीय स्थिति में जीने को विवश हैं। वे इन लोगों के जीवन के विभिन्न पक्षों का अवलोकन कर कहानी रचते हैं। इनके समकालीन कहानीकार जब शिल्प की पच्चीकारी या विचार की सीढ़ी या कोई नया फार्मूला अपना रहे थे वहीं ये सहजता के साथ ठेठ जीवन की कहानियाँ लिख रहे थे। बिना किसी घोषणा के अपना ‘आहार घोंसला’ बनाते हुए। यही कारण है कि संवेदना के स्तर पर अशोक अग्रवाल की कहानियाँ अपने समकालीन कहानिकारों से अलग हो जाती हैं, जीवन के बीच जीवन के लिए जूझते आदमी की कहानियाँ।
सत्यनारायण
EAN: 9789392621222
Languages: Hindi
Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns



Aahar Ghonsla
Aahar Ghonsla
Brand: Sambhavna Prakashan
Features:
- hindi kahaniyan
- ashok agrawal
- premchand
- divay prakash dubey
- ruskin bond
Binding: perfect
Number Of Pages: 222
Details: अशोक अग्रवाल की कहानियाँ हमारे जाने-पहचाने परिवेश की कहानियाँ हैं। समाज में मानवीयता, करुणा और तल्ख सच्चाई की खोज की कहानियाँ। ये विकास की आधुनिक अवधारणा के पीछे के अँधेरों को टटोलती हुई उन कारणों की तलाश करती हैं, जहाँ आदमी पीछे छूटा जा रहा है। इनकी अधिकांश कहानियों में हाशिए के लोग हैं, जो अभाव, विषमता के साथ दयनीय स्थिति में जीने को विवश हैं। वे इन लोगों के जीवन के विभिन्न पक्षों का अवलोकन कर कहानी रचते हैं। इनके समकालीन कहानीकार जब शिल्प की पच्चीकारी या विचार की सीढ़ी या कोई नया फार्मूला अपना रहे थे वहीं ये सहजता के साथ ठेठ जीवन की कहानियाँ लिख रहे थे। बिना किसी घोषणा के अपना ‘आहार घोंसला’ बनाते हुए। यही कारण है कि संवेदना के स्तर पर अशोक अग्रवाल की कहानियाँ अपने समकालीन कहानिकारों से अलग हो जाती हैं, जीवन के बीच जीवन के लिए जूझते आदमी की कहानियाँ।
सत्यनारायण
EAN: 9789392621222
Languages: Hindi
Original: $3.25
-70%$3.25
$0.97Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns
Description
Brand: Sambhavna Prakashan
Features:
- hindi kahaniyan
- ashok agrawal
- premchand
- divay prakash dubey
- ruskin bond
Binding: perfect
Number Of Pages: 222
Details: अशोक अग्रवाल की कहानियाँ हमारे जाने-पहचाने परिवेश की कहानियाँ हैं। समाज में मानवीयता, करुणा और तल्ख सच्चाई की खोज की कहानियाँ। ये विकास की आधुनिक अवधारणा के पीछे के अँधेरों को टटोलती हुई उन कारणों की तलाश करती हैं, जहाँ आदमी पीछे छूटा जा रहा है। इनकी अधिकांश कहानियों में हाशिए के लोग हैं, जो अभाव, विषमता के साथ दयनीय स्थिति में जीने को विवश हैं। वे इन लोगों के जीवन के विभिन्न पक्षों का अवलोकन कर कहानी रचते हैं। इनके समकालीन कहानीकार जब शिल्प की पच्चीकारी या विचार की सीढ़ी या कोई नया फार्मूला अपना रहे थे वहीं ये सहजता के साथ ठेठ जीवन की कहानियाँ लिख रहे थे। बिना किसी घोषणा के अपना ‘आहार घोंसला’ बनाते हुए। यही कारण है कि संवेदना के स्तर पर अशोक अग्रवाल की कहानियाँ अपने समकालीन कहानिकारों से अलग हो जाती हैं, जीवन के बीच जीवन के लिए जूझते आदमी की कहानियाँ।
सत्यनारायण
EAN: 9789392621222
Languages: Hindi














