Grihdaah (Hindi) (Deluxe Hardbound Edition)
Author: Sarat Chandra Chattopadhyay
Brand: FINGERPRINT with FP logo
Binding: Hardcover
Number Of Pages: 232
Release Date: 01-12-2025
Details: उपन्यास गृहदाह में शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय ने हिन्दू धर्म और ब्रह्म समाज के बीच उभरते विरोधाभास को बड़ी ही संवेदनशीलता से चित्रित किया है। इस कहानी में महिम और सुरेश सहपाठी हैं—एक ओर महिम, जो गरीब ग्रामीण परिवार से आता है, और दूसरी ओर सुरेश, जो एक संपन्न शहराती परिवार का लड़का है। एक दिन सुरेश को पता चलता है कि महिम का संबंध ब्रह्म समाज से जुड़ी युवती अचला से है। इसी बात पर वह महिम से लड़ भी पड़ता है, लेकिन जब वह स्वयं अचला को देखता है, तो उसी के प्रति दीवाना हो उठता है। कथा का केंद्र नवविवाहित महिम और अचला हैं, जिनके वैवाहिक जीवन में सुरेश का हस्तक्षेप जलन और ईर्ष्या—यानी गृहदाह—का कारण बन जाता है।
भारतीय साहित्य के महान कथाकार शरतचन्द्र की यह अत्यंत लोकप्रिय और क्लासिक रचना पाठकों को अवश्य पढ़नी चाहिए!
भारतीय साहित्य के विख्यात लेखक शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की रचना
रोचक कथानक और प्रभावशाली पात्र, जो पाठकों को बांधे रखते हैं
हिंदी साहित्य की समृद्ध अभिव्यक्ति का सशक्त उदाहरण
एक ऐसी कहानी, जिसे पढ़ते हुए समय का पता ही नहीं चलेगा
उपहार देने एवं व्यक्तिगत संग्रह हेतु उत्कृष्ट पुस्तक
EAN: 9789370890640
Package Dimensions: 8.9 x 5.8 x 0.7 inches
Languages: Hindi
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Grihdaah (Hindi) (Deluxe Hardbound Edition)
Grihdaah (Hindi) (Deluxe Hardbound Edition)
Author: Sarat Chandra Chattopadhyay
Brand: FINGERPRINT with FP logo
Binding: Hardcover
Number Of Pages: 232
Release Date: 01-12-2025
Details: उपन्यास गृहदाह में शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय ने हिन्दू धर्म और ब्रह्म समाज के बीच उभरते विरोधाभास को बड़ी ही संवेदनशीलता से चित्रित किया है। इस कहानी में महिम और सुरेश सहपाठी हैं—एक ओर महिम, जो गरीब ग्रामीण परिवार से आता है, और दूसरी ओर सुरेश, जो एक संपन्न शहराती परिवार का लड़का है। एक दिन सुरेश को पता चलता है कि महिम का संबंध ब्रह्म समाज से जुड़ी युवती अचला से है। इसी बात पर वह महिम से लड़ भी पड़ता है, लेकिन जब वह स्वयं अचला को देखता है, तो उसी के प्रति दीवाना हो उठता है। कथा का केंद्र नवविवाहित महिम और अचला हैं, जिनके वैवाहिक जीवन में सुरेश का हस्तक्षेप जलन और ईर्ष्या—यानी गृहदाह—का कारण बन जाता है।
भारतीय साहित्य के महान कथाकार शरतचन्द्र की यह अत्यंत लोकप्रिय और क्लासिक रचना पाठकों को अवश्य पढ़नी चाहिए!
भारतीय साहित्य के विख्यात लेखक शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की रचना
रोचक कथानक और प्रभावशाली पात्र, जो पाठकों को बांधे रखते हैं
हिंदी साहित्य की समृद्ध अभिव्यक्ति का सशक्त उदाहरण
एक ऐसी कहानी, जिसे पढ़ते हुए समय का पता ही नहीं चलेगा
उपहार देने एवं व्यक्तिगत संग्रह हेतु उत्कृष्ट पुस्तक
EAN: 9789370890640
Package Dimensions: 8.9 x 5.8 x 0.7 inches
Languages: Hindi
Original: $5.11
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$1.53Product Information
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Description
Author: Sarat Chandra Chattopadhyay
Brand: FINGERPRINT with FP logo
Binding: Hardcover
Number Of Pages: 232
Release Date: 01-12-2025
Details: उपन्यास गृहदाह में शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय ने हिन्दू धर्म और ब्रह्म समाज के बीच उभरते विरोधाभास को बड़ी ही संवेदनशीलता से चित्रित किया है। इस कहानी में महिम और सुरेश सहपाठी हैं—एक ओर महिम, जो गरीब ग्रामीण परिवार से आता है, और दूसरी ओर सुरेश, जो एक संपन्न शहराती परिवार का लड़का है। एक दिन सुरेश को पता चलता है कि महिम का संबंध ब्रह्म समाज से जुड़ी युवती अचला से है। इसी बात पर वह महिम से लड़ भी पड़ता है, लेकिन जब वह स्वयं अचला को देखता है, तो उसी के प्रति दीवाना हो उठता है। कथा का केंद्र नवविवाहित महिम और अचला हैं, जिनके वैवाहिक जीवन में सुरेश का हस्तक्षेप जलन और ईर्ष्या—यानी गृहदाह—का कारण बन जाता है।
भारतीय साहित्य के महान कथाकार शरतचन्द्र की यह अत्यंत लोकप्रिय और क्लासिक रचना पाठकों को अवश्य पढ़नी चाहिए!
भारतीय साहित्य के विख्यात लेखक शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की रचना
रोचक कथानक और प्रभावशाली पात्र, जो पाठकों को बांधे रखते हैं
हिंदी साहित्य की समृद्ध अभिव्यक्ति का सशक्त उदाहरण
एक ऐसी कहानी, जिसे पढ़ते हुए समय का पता ही नहीं चलेगा
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EAN: 9789370890640
Package Dimensions: 8.9 x 5.8 x 0.7 inches
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