Islamic Rajya Ka Bhram
Author: Tarek Fatah
Brand: Book Cob
Features:
- Language Published: English
Binding: unknown_binding
Number Of Pages: 120
Release Date: 15-05-2019
Details: प्रस्तुत पुस्तक इस्लामिक राज्य का भ्रम 'The Tragic Illusion of an Islamic State' के हिंदी अनुवाद का प्रथम भाग है। खरी-खरी बातें कहने के लिए बहुचर्चित लेखक तारेक फ़तह ने अपनी इस किताब में बताया है कि इस्लामिक राज्य एक भ्रम मात्र है। खलीफ़ाओं के समय से ही धर्म को पीछे धकेलकर राजनैतिक सत्ता को प्रमुखता दी जाती रही है। अरब के रेगिस्तान से यह धर्म पूरी दुनिया में फैला, लेकिन धर्म केवल मुखौटा रहा। असली संघर्ष तो गद्दी पर बैठने के लिए था। इसी के लिए रक्तपात हुआ और गर्दनें उड़ा दी जाती रहीं। आज जो तत्व इस्लामी राज्य की बात करते हैं, वे बड़ी चालाकी से इस्लाम के इतिहास पर पर्दा डाले रहते हैं। पुस्तक में बताया गया है कि जब-जब खलीफ़ा उदार रहे, तब-तब समाज में चौमुखी प्रगति हुई, लेकिन जैसे ही धार्मिक कट्टरता बढ़ी, परिस्थितियाँ बिगड़ती गयीं। इस्लाम के विकास को समझने के लिए यह पुस्तक अनिवार्य है।
EAN: 9789387809406
Package Dimensions: 8.5 x 5.5 x 1.1 inches
Languages: English
Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns

Islamic Rajya Ka Bhram
Islamic Rajya Ka Bhram
Author: Tarek Fatah
Brand: Book Cob
Features:
- Language Published: English
Binding: unknown_binding
Number Of Pages: 120
Release Date: 15-05-2019
Details: प्रस्तुत पुस्तक इस्लामिक राज्य का भ्रम 'The Tragic Illusion of an Islamic State' के हिंदी अनुवाद का प्रथम भाग है। खरी-खरी बातें कहने के लिए बहुचर्चित लेखक तारेक फ़तह ने अपनी इस किताब में बताया है कि इस्लामिक राज्य एक भ्रम मात्र है। खलीफ़ाओं के समय से ही धर्म को पीछे धकेलकर राजनैतिक सत्ता को प्रमुखता दी जाती रही है। अरब के रेगिस्तान से यह धर्म पूरी दुनिया में फैला, लेकिन धर्म केवल मुखौटा रहा। असली संघर्ष तो गद्दी पर बैठने के लिए था। इसी के लिए रक्तपात हुआ और गर्दनें उड़ा दी जाती रहीं। आज जो तत्व इस्लामी राज्य की बात करते हैं, वे बड़ी चालाकी से इस्लाम के इतिहास पर पर्दा डाले रहते हैं। पुस्तक में बताया गया है कि जब-जब खलीफ़ा उदार रहे, तब-तब समाज में चौमुखी प्रगति हुई, लेकिन जैसे ही धार्मिक कट्टरता बढ़ी, परिस्थितियाँ बिगड़ती गयीं। इस्लाम के विकास को समझने के लिए यह पुस्तक अनिवार्य है।
EAN: 9789387809406
Package Dimensions: 8.5 x 5.5 x 1.1 inches
Languages: English
Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns
Description
Author: Tarek Fatah
Brand: Book Cob
Features:
- Language Published: English
Binding: unknown_binding
Number Of Pages: 120
Release Date: 15-05-2019
Details: प्रस्तुत पुस्तक इस्लामिक राज्य का भ्रम 'The Tragic Illusion of an Islamic State' के हिंदी अनुवाद का प्रथम भाग है। खरी-खरी बातें कहने के लिए बहुचर्चित लेखक तारेक फ़तह ने अपनी इस किताब में बताया है कि इस्लामिक राज्य एक भ्रम मात्र है। खलीफ़ाओं के समय से ही धर्म को पीछे धकेलकर राजनैतिक सत्ता को प्रमुखता दी जाती रही है। अरब के रेगिस्तान से यह धर्म पूरी दुनिया में फैला, लेकिन धर्म केवल मुखौटा रहा। असली संघर्ष तो गद्दी पर बैठने के लिए था। इसी के लिए रक्तपात हुआ और गर्दनें उड़ा दी जाती रहीं। आज जो तत्व इस्लामी राज्य की बात करते हैं, वे बड़ी चालाकी से इस्लाम के इतिहास पर पर्दा डाले रहते हैं। पुस्तक में बताया गया है कि जब-जब खलीफ़ा उदार रहे, तब-तब समाज में चौमुखी प्रगति हुई, लेकिन जैसे ही धार्मिक कट्टरता बढ़ी, परिस्थितियाँ बिगड़ती गयीं। इस्लाम के विकास को समझने के लिए यह पुस्तक अनिवार्य है।
EAN: 9789387809406
Package Dimensions: 8.5 x 5.5 x 1.1 inches
Languages: English














